Thursday, October 3, 2024



ज्ञानतीर्थ सप्रे संग्रहालय के प्रति सादर आभार 

दायित्व बढ़ाता सम्मान 

 02 अक्टूबर  2024

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भारतीय. चिंतन को दिशा देते महत्वपूर्ण व्याख्यान के साथ कल आशीर्वाद मिला महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिन्दी विश्वविद्यालय, वर्धा के पूर्व कुलपति आचार्य गिरीश्वर मिश्र सर का, पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त ओम प्रकाश रावत सर को एक देश एक चुनाव विषय पर सुनना सुखद रहा।

आप सभी वरिष्ठजनों से सम्मानित होना गहरा दायित्व बोध देता है। ज्ञान तीर्थ के संरक्षक कर्मयोगी समर्पित व्यक्तित्व पद्मश्री विजय दत्त श्रीधर सर ने चार दशकों में  हम सभी के लिए एक विरासत खड़ी की है एआई के प्रभुत्व के दौर में भारतीय वेदों में, शास्त्रों में, मीमांसा में जो लॉजिक विकसित हुआ है,, माधवराव सप्रे संग्रहालय जैसे संस्थानों में संग्रहित हैं,संग्रहालय के प्रति आत्मीय आभार..शोधार्थियों को जब कोई रास्ता न सूझे एक बार यहाँ दर्शन करने अवश्य आएं .

सूत्रधार के रूप में वरिष्ठ पत्रकार राजेश बादल सर ने आयोजन के दिशा निदेशक का गंभीर दायित्व निर्वहन किया। 

 छोटी सी ही सही वरिष्ठ पत्रकार ,संपादक पंकज शुक्ल जी से भेंट अत्यंत सुखद रही .

कुल तीन चरणों में हुए कार्यक्रम में व्याख्यान,सम्मान के साथ ही विहान नाट्य मंडली के कलाकारों की सांगीतिक प्रस्तुति ‘गांधी गाथा’ की अनुपम प्रस्तुति अद्भुत मंचन सदा स्मरण रहेगा। महात्मा गांधी की पूरी जीवन यात्रा को बुंदेली बोली में बड़े ही रोचक अंदाज में प्रस्तुत किया। इसका निर्देशन सौरभ अनंत द्वारा किया गया ।

सप्रे संग्रहालय द्वारा दिये जाने वाले प्रतिष्ठित पुरस्कार के अंतर्गत  संग्रहालय के प्रतिष्ठित राष्ट्रीय ‘महात्मा गांधी सम्मान’ से भारत के पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त ओमप्रकाश रावत जी को उत्कृष्ट सेवाओं के लिए विभूषित किया गया। ‘डा. लक्ष्मीनारायण गुप्त महाकोशल पत्रकारिता पुरस्कार’ संस्कारधानी जबलपुर के प्रतिभावान पत्रकार तरुण मिश्र जी को प्रदान किया गया।समारोह में संग्रहालय पर केंद्रित वृत्त चित्र ‘विरासत: सप्रे संग्रहालय’ का लोकार्पण भी किया गया इसे देखना अपने आप में एक अनूठा अनुभव रहा ।हालांकि इस पवित्र विरासत को चंद मिनटों में समेटना दूभर है किन्तु फिर भी वृत्तचित्र का निर्माण माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय के सिनेमा अध्ययन विभाग द्वारा जिस तरह किया गया है एक शोध संक्षेपिका अवश्य है । विभागाध्यक्ष डा. पवित्र श्रीवास्तव के मार्गदर्शन में विभाग के विद्यार्थियों ने इस वृत्तचित्र का निर्माण किया है जिसमें ज्ञानतीर्थ सप्रे संग्रहालय के चार दशक की विकास यात्रा को बहुत ही सहज-सरल रूप में प्रदर्शित किया गया है। इसमें संग्रहालय में रखी गई सामग्री, शोधार्थियों के अनुभव तथा अन्य प्रबुद्धों के विचार समाहित हैं।













 

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बी. डी. तोषनीवाल उच्चत्तर माध्यमिक विद्यालय  ,,ग्राम  पालिया